राजस्थान है 58वीं DG-IG बैठक का मेजबान…जानें इस कांफ्रेंस का इतिहास और क्या है इसका मकसद

राजस्थान इस बार 58वीं डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस की मेजबानी कर रहा है जहां राजस्थान में भजनलाल सरकार बनने के बाद प्रदेश में यह पहला बड़ा कार्यक्रम है.

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DG-IG Conference Jaipur: राजस्थान में हाल में नई सरकार के गठन के बाद राजधानी जयपुर एक बड़े कार्यक्रम की साक्षी बनने जा रही है जहां 5 जनवरी से 3 दिवसीय डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस होने जा रही है जिसमें देशभर के डीजीपी और आईजी शिरकत करने जा रहे हैं. राजस्थान इस बार 58वीं डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस की मेजबानी कर रहा है. दरअसल राजस्थान में भजनलाल सरकार बनने के बाद प्रदेश में यह पहला बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा है जहां 5 जनवरी से 7 जनवरी तक जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर चर्चा की जाएगी.

इस आयोजन में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल जयपुर आ रहे हैं. इसके अलावा अलग-अलग राज्यों के डीजी-आईजी और कई सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख इस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहेंगे.

किन मुद्दों पर चर्चा करेंगे दिग्गज?

जानकारी के मुताबिक देशभर के पुलिस महानिदेशक और महानिरीक्षक इस सम्मेलन में राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर चर्चा करेंगे जहां आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने के अलावा साइबर सुरक्षा जैसे कई मुद्दों पर बातचीत की जाएगी. वहीं इस कॉन्फ्रेंस में सीमाओं की सुरक्षा, साइबर अपराध पर नकेल कसने की योजना के साथ ही आतंकवाद के खात्मे और देश की जेलों में सुधार के लिए मंथन किया जाएगा. वहीं देशभर के थानों में बेहतर पुलिसिंग को लेकर बात की जाएगी.

क्या होता है कांफ्रेंस में?

मालूम हो कि हर साल ये कांफ्रेंस देश में अलग-अलग जगहों होती है जिसमें पुलिसिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा क लेकर कई मुद्दों पर बातचीत की जाती है. कांफ्रेंस में जिला,राज्य और राष्ट्रीय स्तर के पुलिस अधिकारी प्रजेंटेशन देते हैं जिसके बाद उन पर विचार-विमर्श किया जाता है. वहीं इस कांफ्रेंस में गृहमंत्री पूरे टाइम मौजूद रहते हैं.

सरदार पटेल ने की थी शुरूआत

गौरतलब है कि साल 1920 में भारत में पहली बार आईजीपी सम्मेलन किया गया था जिसके बाद से ये सिलसिला लगातार चलता रहा और कई सालों तक यह कांफ्रेंस दिल्ली में होती रही. पहली बार इस कांफ्रेंस का उद्घाटन 12 जनवरी 1950 को देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने किया था. हालांकि पहले यह 2 साल में एक बार आयोजित होता था लेकिन 1973 के बाद से वार्षिक तौर पर यह सम्मेलन आयोजित किया जाने लगा.